फरवरी 2026 में राशन कार्ड व्यवस्था को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है, जो देश के करोड़ों गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सीधे प्रभावित करेगा। अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली केवल सस्ता या मुफ्त अनाज देने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके साथ आर्थिक सहायता भी जोड़ी जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि सही लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे और फर्जी लाभार्थियों को पूरी तरह हटाया जा सके।
फरवरी 2026 में राशन कार्ड व्यवस्था में क्या बदला
18 फरवरी 2026 से राशन वितरण प्रणाली में नए नियम लागू किए गए हैं। अब आधार आधारित ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल पात्र परिवारों को ही लाभ मिले। कई राज्यों में मुफ्त राशन के साथ-साथ हर महीने 1000 से 1500 रुपये तक की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए बैंक खाते में भेजी जा रही है। इससे परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए नकद सहायता भी मिल सकेगी।
ई-केवाईसी और फेस रिकग्निशन की नई व्यवस्था
नए नियमों के अनुसार सभी राशन कार्ड सदस्यों का ई-केवाईसी 28 फरवरी 2026 तक पूरा करना जरूरी है। अगर तय समय तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तो नाम सूची से हटाया जा सकता है। बुजुर्गों और मजदूरों को राहत देने के लिए फेस रिकग्निशन सिस्टम शुरू किया गया है, जिससे फिंगरप्रिंट न मिलने की समस्या खत्म हो सके। इससे राशन वितरण ज्यादा आसान और सम्मानजनक बनेगा।
BPL और अंत्योदय कार्डधारकों को अतिरिक्त लाभ
बीपीएल और अंत्योदय राशन कार्ड धारकों के लिए यह अपडेट बेहद अहम है। इन परिवारों को साल में दो मुफ्त गैस सिलेंडर का लाभ मिलेगा, जिसकी सब्सिडी सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी। इसके अलावा राशन दुकानों पर फोर्टिफाइड चावल, आयोडाइज्ड नमक और कुछ क्षेत्रों में मोटा अनाज भी दिया जाएगा, जिससे पोषण स्तर बेहतर हो सके।
वन नेशन वन राशन कार्ड और डिजिटल सुविधाएं
वन नेशन वन राशन कार्ड योजना को फरवरी 2026 में और मजबूत किया गया है। अब प्रवासी मजदूर किसी भी राज्य में अपना राशन ले सकेंगे। डिजिटल राशन कार्ड की सुविधा शुरू की गई है, जिसे डिजिलॉकर में सुरक्षित रखा जा सकता है। साथ ही राशन की उपलब्धता और वितरण की जानकारी SMS के जरिए मिलेगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
गरीब परिवारों पर क्या होगा असर
इन बदलावों से गरीब परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा। नकद सहायता से वे दाल, तेल और अन्य जरूरी सामान खरीद सकेंगे। फर्जी कार्डधारकों पर कार्रवाई से सिस्टम ज्यादा भरोसेमंद बनेगा। तकनीक के इस्तेमाल से भ्रष्टाचार कम होगा और सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचेगा।
डिस्क्लेमर:
यह लेख सामान्य जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। राशन कार्ड से जुड़े नियम, नकद सहायता और सुविधाएं राज्यों के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। किसी भी लाभ से पहले अपने नजदीकी खाद्य आपूर्ति विभाग या आधिकारिक सरकारी वेबसाइट से जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।





