अगर आप रोजाना Google Pay, PhonePe, Paytm या किसी भी UPI ऐप से भुगतान करते हैं, तो UPI New Rules 2026 आपके लिए जानना बेहद जरूरी है। 19 फरवरी 2026 से UPI से जुड़े नए नियम लागू किए जा रहे हैं, जिनका मकसद डिजिटल भुगतान को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है। ये बदलाव आम यूजर्स के साथ-साथ व्यापारियों पर भी असर डालेंगे।
19 फरवरी 2026 से लागू होने वाले नए नियम
नए नियमों के तहत सामान्य यूजर्स के लिए रोजाना ₹1 लाख की ट्रांजेक्शन लिमिट पहले जैसी ही रहेगी। हालांकि स्वास्थ्य, शिक्षा और टैक्स भुगतान जैसे विशेष उद्देश्यों के लिए यह सीमा बढ़ाकर ₹5 लाख तक की जा सकती है। इसके अलावा, नया UPI आईडी बनाने के बाद पहले 24 घंटे में केवल ₹5,000 तक का लेनदेन ही किया जा सकेगा। यह कदम फ्रॉड रोकने के लिए उठाया गया है।
KYC को लेकर सख्ती क्यों जरूरी हुई
अब आंशिक KYC वाले खातों पर सख्ती बढ़ाई जा रही है। जिन यूजर्स का KYC पूरा नहीं है, उनकी ट्रांजेक्शन लिमिट कम की जा सकती है या सेवा अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है। पूरी KYC अनिवार्य करने का उद्देश्य फर्जी खातों, मनी लॉन्ड्रिंग और गलत इस्तेमाल पर लगाम लगाना है। इसलिए सभी यूजर्स को अपना KYC स्टेटस जल्द से जल्द अपडेट कर लेना चाहिए।
फेल ट्रांजेक्शन पर मिलेगा तेज रिफंड
अक्सर ऐसा होता है कि पैसा कट जाता है लेकिन सामने वाले तक नहीं पहुंचता। नए नियमों के बाद ऐसे फेल ट्रांजेक्शन का ऑटो-रिवर्सल पहले से कहीं तेज होगा। इससे यूजर्स को शिकायत दर्ज कराने या बार-बार फॉलो-अप करने की जरूरत कम पड़ेगी और भरोसा बढ़ेगा।
सुरक्षा के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन
अप्रैल 2026 से सभी डिजिटल पेमेंट्स में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य किया जा रहा है। यानी सिर्फ UPI PIN ही नहीं, बल्कि अतिरिक्त सुरक्षा जैसे बायोमेट्रिक या डायनामिक टोकन भी इस्तेमाल हो सकता है। इससे लेनदेन ज्यादा सुरक्षित होंगे, भले ही प्रक्रिया थोड़ी लंबी लगे।
बड़े लेनदेन और टैक्स नियम
उच्च मूल्य के UPI ट्रांजेक्शन पर नजर रखी जाएगी। अगर सालाना लेनदेन तय सीमा से ज्यादा हुआ और स्रोत स्पष्ट नहीं है, तो जांच हो सकती है। व्यवसायिक लेनदेन करने वालों को GST नियमों का पालन करना जरूरी होगा। बड़े कैशबैक या गिफ्ट भी टैक्स के दायरे में आ सकते हैं, इसलिए सही रिकॉर्ड रखना अहम है।
यूजर्स को क्या करना चाहिए
सभी यूजर्स को अपने UPI ऐप अपडेट रखने चाहिए और बैंक से आने वाले नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ने चाहिए। पूरा KYC कराना, बड़े ट्रांजेक्शन में सावधानी रखना और संदिग्ध गतिविधियों से बचना जरूरी है। ये दिशानिर्देश NPCI और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा तय किए गए हैं।
डिस्क्लेमर:
यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। UPI से जुड़े नियमों में समय-समय पर बदलाव हो सकता है। सटीक और अद्यतन जानकारी के लिए अपने बैंक, NPCI या RBI की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी दिशानिर्देशों को ही अंतिम मानें। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोत से पुष्टि अवश्य करें।





